हरिहरनाथ मंदिर सोनपुर || Harihar Nath Mandir Sonpur


भारत आस्था और मंदिरों का देश है यहां पर आपको मंदिरों और उनकी इतिहास को देखने का एक अद्भुत दृश्य मिलेगा।

 आज हम एक ऐसे मंदिर और धाम के बारे में आपको बताने वाले हैं जिसकी महत्वता पूरे विश्व में एकमात्र के रूप में है।
 जी हां हम आज आपको एक ऐसे दिव्य लिंग के बारे में बताने वाले हैं जो अपने आप में अनोखा है अनदेखा है और दिव्यता की एक अलग ही कहानी और इतिहास को छुपाए रखी हुई है।
 आपने शिवलिंग का नाम सुना होगा किंतु एक ही लिंग में भगवान विष्णु और शिव का विराजमान हो ना आपने कभी नहीं सुना होगा न देखा होगा।
 वैसे भी भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व में भगवान शिव और भगवान विष्णु का एक साथ कहीं भी मंदिर भी नहीं है और वैसे मैं एक ही लिंग में शिव और विष्णु का होना अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटना है स्थल है और इतिहास है।

कहा है यह मंदिर -

 भारत के बिहार राज्य के पटना राजधानी से 20 किलोमीटर की दूरी पर सोनपुर नाम से एक अति सुंदर और प्राचीन शहर है, जो गंडक गंगा के संगम पर बसा हुआ एक पवित्र तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित होते जा रहा है,
 सोनपुर स्टेशन से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर यह मंदिर आपको मिल जाएगा,
 मंदिर का नाम हरिहर नाथ मंदिर है।

क्या है इस लिंग की कहानी -

 लोक मान्यताओं और ग्रंथों के अनुसार इस हरिहर नाथ मंदिर में स्थित हरिहर नाथ लिंग में हरी अर्थात विष्णु हर अर्थात शिव दोनों ही एक ही लिंग में विराजमान है।
 बात करें इसके पीछे की कहानी और पौराणिकता कि तो यह अति प्राचीन बताया जाता है -
कहानी (1) - पद्मपुराण के 14वें मन मंत्र में यह लिखा हुआ है कि स्वयं ब्रह्मा ने इस स्थान पर भगवान शिव और भगवान विष्णु की प्रतिमा के रूप में संयुक्त रूप से ही इस लिंग का स्थापना किया था और पूजा-अर्चना भी किया था।

कहानी (1)- कुछ इतिहासकार और स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां त्रेता में भगवान रामचंद्र विश्वामित्र के साथ इसी रास्ते से गुजरे थे और यहां पर पूजा अर्चना की थी / कुछ लोग कहते हैं कि भगवान रामचंद्र ने ही इस लीग की स्थापना की थी।

कहानी (2)- इस मंदिर से जुड़ी हुई एक और कहानी यह है कि बहुत पहले भगवान शंकर और भगवान विष्णु के भक्त आपस में इस बात के लिए हमेशा लड़ा करते थे।
 विष्णु के मानने वाले उन्हें बड़ा मानते थे शिव से,
 और शिव को मानने वाले बड़ा मानते थे शिव को विष्णु से,
 कई हिंसक युद्ध हुए इसे समाप्त करने हेतु बताया जाता है कि भगवान शिव ने एक अद्भुत स्वरूप को धारण किया,
 जिसमें आधा स्वरूप शिव का और आधा स्वरूप विष्णु का नजर आ रहा था,
 अतः यह मंदिर वैष्णव समाज और शैव समाज के बीच में शांति का प्रतीक और समरसता का स्वरूप बन गया।

अन्य मुर्तिया -

 मंदिर में लिंग के अलावा भी बहुत सारे मूर्तियां हैं जो वास्तव में बहुत पुराना और ऐतिहासिक बताया जाता है,
 लिंग के पीछे काले पत्थर में भगवान विष्णु का एक प्रतिमा स्थापित है।
 यह प्रतिमा बगल के ही च्यवन कुंड के खुदाई के दौरान प्राप्त हुआ था और इसे गुप्तकालीन बताया जाता है,
 विष्णु के प्रतिमा के ठीक दाहिने तरफ गणेश जी की भी प्रतिमा स्थापित है जो सफेद पत्थरों से बना हुआ है।
 भगवान विष्णु जी के ऊपर ठीक शेषनाग का एक विशाल स्वरूप भी दिखाई देता है।
 मुख्य मंदिर के चारों तरफ अन्य देवी देवताओं के भी प्रतिमा को स्थापित किया गया है,
 जिसमें माता लक्ष्मी, मां दुर्गा,शनिदेव,नवग्रह,बजरंगबली आदि मूर्तियां स्थापित है।

मंदिर मे होता है सारे अनुष्ठान -

 यह मंदिर सोनपुर ही नहीं अपितु पूरे उत्तर बिहार में बहुत ही प्रचलित है और यहां पर सारे अनुष्ठान होते हैं जैसे में तरह-तरह के पूजा,  शादी, लड़का लड़की देखना और प्रदेश के आला अधिकारी मंत्री लोग यहां हमेशा आते ही रहते हैं।

मेला का भी होता ह आयोजन -

 हरिहर नाथ मंदिर के कारण प्रत्येक वर्ष कई बड़े मेले का आयोजन होता है।
. जिसमें विश्व का सबसे बड़ा पशु मेला आयोजन प्रमुख है।
 जिसमें प्रदेश देश और पूरे विदेश से लोग यहां पर घूमने आते हैं और साथ ही साथ हरिहरनाथ के भी दर्शन करने लाखों श्रद्धालु आते हैं।
 प्रत्येक सोमवार को इस मंदिर में हजारों लोग जलाभिषेक के लिए आते हैं।
 सावन के सोमवारी में इस मंदिर में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए यहां पर आते हैं,
 साथ ही साथ हर धार्मिक पर्व पर यहां पर भव्य रूप से पूजा अर्चना की जाती है जिसमें शिवरात्रि,रामनवमी आदि प्रमुख
 है।

मंदिर विकास -

मंदिर कई आक्रांतियों और विपतियों  को अपनी आंखों से देखे हुए हैं,
एक समय यह मंदिर बहुत ही जर्जर अवस्था में पहुंच गया था।
 किंतु कालांतर यह मंदिर धीरे-धीरे अपने पौराणिक स्वरूप में आ गया, आज जिस मंदिर का स्वरूप आप पत्थर ईट सीमेंट से देख रहे हैं यहां पहले काठ यही लकड़ी का हुआ करता था जो कि नेपाल कलाकृतियां से संबंध रखता था।
 और मंदिर का गुंबद को बाबर काल बताया जाता था,
 आधुनिक मंदिर आप देख रहे हैं वह बिरला ब्रदर द्वारा नव निर्माण किया गया है और यहां के ग्रामीणों का भी भरपूर सहयोग रहा है।

कुछ तस्वीर मंदिर से जुड़े हुए -


मंदिर क़े अंदर
मंदिर का अवरण ऊपर से 
शावन महीने मे श्रद्धालु की भीड़ 
नित्य रोज़ का श्रृंगार 

Harihar nath Temple Video


धन्यवाद
(लेखन -गौतम राज़ )

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